Category: Poetry

Sukoon ki talash…

शोर के शहर में
मैं सूकुन की तलाश में हूं
मैं अपने आप से मिलने की
लम्बी कतार में हूं।

©Udit Rathod | #udkivani

Fursat se dundho…

फुरसत से ढूंढो
मिल जाएगा,
तुम में ही छुपा है
भाग कर कहा जाएगा।

©Udit Rathod | #udkivni

Dheere!

धीरे धीरे पूरानी यादें खो जाएगी,
धीरे धीरे नयी यादें बन जाएगी।

धीरे धीरे गम सारे धूल जाएंगे
धीरे धीरे खुशियों के रंग घुल जाएंगे।

धीरे धीरे वक़्त तेज़ी से चलता रहेगा
धीरे धीरे लम्हों का पुल बनता रहेगा।

धीरे धीरे उस पुल से तुम्हे गुजरना होगा
धीरे धीरे तुमको खुदके साथ चलना होगा।

धीरे धीरे सांसों कि रफ्तार घटती जाएगी
धीरे धीरे मौत से दूरियां मिटती जाएगी।

और इसी तरह ज़िन्दगी
धीरे धीरे वक़्त की ढलान, चढ़ती जाएगी।